पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद स्थित रघुनाथगंज में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। असदुद्दीन ओवैसी ने स्थानीय मुद्दों को हवा देते हुए कहा कि मुर्शिदाबाद की सरजमीं पर किसी ने इंडस्ट्री या हमारे बच्चों के रोजगार की बात की? उन्होंने कहा कि आपने ममता बनर्जी को तीन बार मुख्यमंत्री बनाया और उनके उम्मीदवारों को लोकसभा व राज्यसभा भेजा, लेकिन बदले में इस क्षेत्र को क्या मिला?
"तब ये सेक्युलरिज्म का नाम लेने वाले अंधे हो गए थे?"
AIMIM चीफ ने कहा, "इस बार आप को बहुत ही एहतियात से सोच-समझकर अपने वोट का इस्तेमाल करना है। मैं यह कहना चाहूंगा कि बंगाल के मुस्लिम अकलियत (अल्पसंख्यक) से बहुत नाइंसाफी की गई। लोग ये आपको बोलते हैं कि सेक्युलरिज्म का साथ दो। यकीनन सेक्युलरिज्म का साथ दीजिए। इसी बंगाल के मुसलमानों को यहां से नोटिस दी गई या इनको डिपोर्ट कर दिया गया। लेकिन कोई भी इस पर बात नहीं करता।"
उन्होंने आगे कहा, "जब दिसंबर 1962 में मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का 'मोए मुकद्दस' (पवित्र अवशेष) कश्मीर में चोरी हुआ और देशभर में दंगे हुए, तब इसी बंगाल से 8 लाख मुसलमानों को पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) धकेल दिया गया था। तब ये सेक्युलरिज्म का नाम लेने वाले अंधे और बहरे क्यों हो गए थे?"
बीजेपी से ममता के पुराने रिश्तों पर हमला
TMC पर हमला करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "आज हमको ये कहती है कि मजलिस आती है तो बीजेपी को फायदा होगा। ओवैसी आएगा तो बीजेपी को फायदा होगा। मैं टीएमसी के लोगों को और ममता बनर्जी को बताना चाह रहा हूं कि 26 साल पहले 1998 में यहीं से ममता बनर्जी ने बीजेपी से गठबंधन कर दमदम संसदीय क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार को सांसद बनाया। क्या उस वक्त असदुद्दीन ओवैसी आकर ममता बनर्जी के कान में ये फूंककर बोला कि तुम बीजेपी से अलायंस कर लो। 1999 में दूसरी बार बीजेपी का सांसद ममता बनर्जी के सहयोग से बना। ममता बनर्जी के घर को असदुद्दीन ओवैसी नहीं गया।"
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